Bewafa Status for Whatsapp || Bewafa Sad Whatsapp Status in Hindi

By | June 10, 2020

Bewafa Status for Whatsapp:-Enjoy the Latest Collection of Bewafa Status for Whatsapp, for Girls and Boys,Because everyone wants different Status for Social Share. Bewafa Sad Whatsapp Status in Hindi which is for those who wants to express his/her feelings, and can add whatsapp status on phone to share his/her updates.

Bewafa Status for Whatsapp

Bewafa Status for Whatsapp

 

Ek Ye Khwahish Ki Koi Zakhm Na Dekhe Dil Ka,
Ek Ye Hasrat Ke Koi Dekhne Wala To Hota.

 

Har Bhool Teri Maaf Ki Teri Har Khata Ko Bhula Diya,
Gam Hai Ki Mere Pyar Ka Tu Ne Bewafai Sila Diya.

 

 

Ye Bhi Shayad Zindagi Ki Ek Adaa Hai Dosto,
Jisko Koi Mil Gaya Woh Aur Tanha Ho Gaya.

 

 

सिर्फ चेहरे की उदासी से
भर आये तेरी आँखों में आँसू,
मेरे दिल का क्या आलम है
ये तो तू अभी जानता नहीं।

 

Tujhse Dur Rah Kar Kuchh Yun Waqt Gujara Maine,
Na Honthh Hile Fir Bhi Tujhe Pal Pal Pukara Maine.

 

 

जगमगाते शहर की रानाइयों में क्या न था,
ढूँढ़ने निकला था जिसको बस वही चेहरा न था,
हम वही, तुम भी वही, मौसम वही, मंज़र वही,
फ़ासले बढ़ जायेंगे इतने मैंने कभी सोचा न था।

 

ये भी शायद ज़िंदगी की इक अदा है दोस्तों,
जिसको कोई मिल गया वो और तन्हा हो गया।

 

Usne Mujhse Na Jane Kyun Yeh Doorie Kar Li,
Bichhad Ke Usne Mohabbat Hi Adhoori Kar Di,
Mere Mukaddar Mein Dard Aaya Toh Kya Hua,
Khuda Ne Uski Khwahish Toh Poori Kar Dai.

 

 

कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है।

 

Ye Dooriyan Toh Mita Doon Main Ek Pal Mein Magar,
Kabhi Kadam Nahi Chalte Kabhi Raste Nahi Milte.

 

मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला,
अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता।

 

Jaate-Jaate Uske Aakhiri Alfaz Yahi The,
Jee Sako Toh Jee Lena Mar Jaao Toh Behtar Hai.

 

 

उसने मुझसे ना जाने क्यों ये दूरी कर ली,
बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी,
मेरे मुकद्दर में दर्द आया तो क्या हुआ,
खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।

 

 

Jab Se Dekha Hai Chand Ko Tanha,
Tum Se Bhi Koi Shikayat Na Rahi.

 

 

Main Hoon Dil Hai Tanhai Hai,
Tum Bhi Jo Hote Toh Achcha Hota.

 

 

Tum Kitne Dur Ho Mujhse Main Kitna Paas Hun Tumse,
Tumhein Pana Bhi Namumkin Tumhein Khona Bhi Namumkin.

 

 

तुम कितने दूर हो मुझसे मैं कितना पास हूँ तुमसे,
तुम्हें पाना भी नामुमकिन तुम्हें खोना भी नामुमकिन।

 

 

Doorie Ne Kar Diya Hai Tujhe Aur Bhi Kareeb,
Tera Khayal Aa Kar Na Jaye Toh Kya Karein.

 

 

दूरी ने कर दिया है तुझे और भी करीब,
तेरा ख़याल आ कर न जाये तो क्या करें।

 

 

Mohabbat Aisi Thi Ke Unko Batayi Na Gayi,
Chot Dil Par Thi Iss Liye Dikhayi Na Gayi,
Chahte Nahi The Unse Dur Hona Par,
Doorie Itni Thi Ke Mitaayi Na Gayi.

 

 

Suna Hai Usko Mohabbat Duaayein Deti Hai,
Jo Dil Pe Chot Toh Khaye Magar Gila Na Kare.

 

 

मेरी निगाहों में बहने वाला ये आवारा से अश्क
पूछ रहे है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।

 

 

 

सुना है उस को मोहब्बत दुआएँ देती है,
जो दिल पे चोट तो खाए मगर गिला न करे।

 

 

Chup Hain Kisi Sabr Se Toh Patthar Na Samajh,
Dil Pe Asar Hua Hai Teri Baat Baat Ka.

 

 

चुप हैं किसी सब्र से तो पत्थर न समझ हमें,
दिल पे असर हुआ है तेरी बात-बात का।

 

रुशवा क्यों करते हो तुम इश्क़ को, ए दुनिया वालो,
मेहबूब तुम्हारा बेवफा है, तो इश्क़ का क्या गनाह।

 

 

क्या जानो तुम बेवफाई की हद दोस्तों,
वो हमसे इश्क सीखती रही किसी ओर के लिए।

 

 

हमारी तबियत भी न जान सके हमे बेहाल देखकर,
और हम कुछ न बता सके उन्हें खुशहाल देखकर।

 

 

Mat Rakh Hamse Wafa Ki Ummeed Ai Sanam,
Hamne Har Dam Bewafai Payi Hai,
Mat Dhoondh Hamare Jism Pe Jakhm Ke Nishan,
Hamne Har Chot Dil Pe Khaayi Hai.

 

 

काम आ सकीं ना अपनी वफ़ाएं तो क्या करें,
उस बेवफा को भूल ना जाएं तो क्या करें।

 

मत रख हमसे वफा की उम्मीद ऐ सनम,
हमने हर दम बेवफाई पायी है,
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,
हमने हर चोट दिल पे खायी है।

 

Kured-Kured Kar Bade Jatan Se Humne Rakhe Hain Hare,
Kaun Chahta Hai Ke Unka Diya Koi Zakhm Bhare.

 

कुरेद-कुरेद कर बड़े जतन से हमने रखे हैं हरे,
कौन चाहता है कि उनका दिया कोई ज़ख्म भरे।

 

तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी,
वरना हमको कहाँ तुम से शिकायत होगी,
ये तो वही बेवफ़ा लोगों की दुनिया है,
तुम अगर भूल भी जाओ जो रिवायत होगी।

 

बेवफायी का मौसम भी
अब यहाँ आने लगा है,
वो फिर से किसी और को
देख कर मुस्कुराने लगा है।

 

तेरी चौखट से सिर उठाऊं तो बेवफा कहना,
तेरे सिवा किसी और को चाहूँ तो बेवफा कहना,
मेरी वफाओं पे शक है तो खंजर उठा लेना,
मैं शौक से मर ना जाऊं तो बेवफा कहना।

 

किसी का रूठ जाना और अचानक बेवफा होना,
मोहब्बत में यही लम्हा क़यामत की निशानी है।

 

 

Meri Nigahon Mein Bahne Wale Ye Aawara Sa Ashq,
Poochh Rahe Hai.. Palkon Se Teri Bewafai Ki Bajah.

 

रात की गहराई आँखों में उतर आई,
कुछ ख्वाब थे और कुछ मेरी तन्हाई,
ये जो पलकों से बह रहे हैं हल्के हल्के,
कुछ तो मजबूरी थी कुछ तेरी बेवफाई।

 

 

यूँ है सबकुछ मेरे पास बस दवा-ए-दिल नही,
दूर वो मुझसे है पर मैं उस से नाराज नहीं,
मालूम है अब भी मोहब्बत करता है वो मुझसे,
वो थोड़ा सा जिद्दी है लेकिन बेवफा नहीं।

 

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए।

 

 

वो चाँदनी का बदन खुशबुओं का साया है,
बहुत अजीज़ हमें है मगर पराया है,
उसे किसी की मोहब्बत का ऐतबार नहीं,
उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है।

 

हमने तेरे बाद न रखी किसी से मोहब्बत की आस,
एक शख्स ही बहुत था जो सब कुछ सिखा गया।

 

इक तेरे बगैर ही न गुजरेगी ये ज़िंदगी मेरी,
बता मैं क्या करूँ सारे ज़माने की ख़ुशी लेकर।

 

 

Chahte Hain Woh Har Roj Naya Chahne Wala,
Aye Khuda Mujhe Roj Ik Nayi Soorat De De.

 

Dil Bhi Gustaakh Ho Chala Tha Bahut,
Shukr Hai Ki Yaar Hi Bewafa Nikla.

 

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी।

 

Falak Ke Taaron Se Kya Dur Hogi Zulmat-e-Shab,
Jab Apne Ghar Ke Chiraagon Se Roshni Na Mili.

 

कुछ तबीयत ही मिली थी ऐसी,
चैन से जीने की सूरत नहीं हुई,
जिसको चाहा उसे अपना न सके,
जो मिला उससे मोहब्बत न हुई।

 

मेरी आँखों से बहने वाला ये आवारा सा आसूँ
पूछ रहा है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।

 

Jab Tak Na Lage Ek Bewafai Ki Thokar,
Har Kisi Ko Apne Mahboob Pe Naaz Hota Hai.

 

 

जब तक न लगे एक बेवफाई की ठोकर,
हर किसी को अपने महबूब पे नाज़ होता है।

 

Bewafaon Ki Iss Duniya mein SanbhalKar Chalna,
Yehan Mohabbat Se Bhi Barbaad Kar Dete Hain Log.

 

वफा के बदले बेवफाई ना दिया कर,
मेरी उमीद ठुकरा कर इन्कार ना किया कर,
तेरी मौहब्बत में हम सब कुछ गवां बैठे,
जान चली जायेगी इम्तिहान ना लिया कर।

 

Sapno Se Dil Lagaane Ki Aadat Nahi Rahi,
Har Waqt Muskurane Ki Aadat Nahi Rahi,
Ye Soch Ke Ki Koi Manaane Nahi Aayega,
Ab Humko Roothh Jaane Ki Aadat Nahi Rahi.

 

Kisi Ka Rooth Jana Aur Achanak Bewafa Hona,
Muhabbat Mein Yehi Lamha Qayamat Ki Nishani Hai.

 

तुम्हारी तलाश में निकलूँ भी तो क्या फायदा..?
तुम बदल गए हो, खो गए होते तो और बात थी।

 

सपनों से दिल लगाने की आदत नहीं रही,
हर वक्त मुस्कुराने की आदत नहीं रही,
ये सोच के कि कोई मनाने नहीं आएगा,
अब हमको रूठ जाने की आदत नहीं रही।

 

वो रोज़ देखता है डूबते सूरज को इस तरह,
काश… मैं भी किसी शाम का मंज़र होता।

 

 

अगले बरसों कि तरह होंगे करीने तेरे,
किसे मालुम नहीं बारह महीने तेरे।

 

 

इतनी मुश्किल भी ना थी
राह मेरी मोहब्बत की,
कुछ ज़माना खिलाफ हुआ
कुछ वो बेवफा हो गए।

 

 

नजर नजर से मिलेगी तो सर झुका लेगा,
वह बेवफा है मेरा इम्तिहान क्या लेगा,
उसे चिराग जलाने को मत कह देना,
वह नासमझ है कहीं उंगलियां जला लेगा।

 

ये तेरा खेल न बन जाए हक़ीकत एक दिन,
रेत पे लिख के मेरा नाम मिटाया न करो।

 

औरों के पास जा के मेरी दास्तान न पूछ,
कुछ तो मेरे चेहरे पे लिखा हुआ भी देख।

 

प्यास दिल की बुझाने वो कभी आया भी नहीं,
कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं,
बेरुख़ी इस से बड़ी और भला क्या होगी,
एक मुद्दत से हमें उसने सताया भी नहीं।

 

 

कल क्या खूब इश्क़ से इन्तकाम लिया मैंने,
कागज़ पर लिखा इश्क़ और उसे जला दिया।

 

 

Meri Wafa Ke Kabil Nahin Ho Tum,
Pyar Mile Aise Insaan Nahin Ho Tum,
Dil Kyon Tum Par Aitabaar Kare,
Pyar Mein Dhoka De Aise Bewafa Ho.

 

था जहाँ कहना वहां कह न पाये उम्र भर,
कागज़ों पर यूँ शेर लिखना बेज़ुबानी ही तो है।

 

किसी को इतना मत चाहो कि भुला न सको,
यहाँ मिजाज बदलते हैं मौसम की तरह।

 

 

Najar Najar Se Milegi Toh Sar Jhuka Lega,
Woh Bewafa Hai Mera Imtihaan Kya Lega,
Use Chiraag Jalaane Ko Mat Kah Dena.
Woh Nasamjh Hai Kahin Ungliyan Jala Lega.

 

 

Namak Tum Haath Mein Lekar Sitamgar Sochte Kya Ho,
Hajaro Zakhm Hain Dil Par Jahan Chaaho Chhidak Daalo.

 

 

नमक तुम हाथ में लेकर सितमगर सोचते क्या हो,
हजारो ज़ख्म हैं दिल पर जहाँ चाहो छिड़क डालो।

 

न जाने क्यूँ वक़्त इस तरह गुजर जाता है,
जो वक़्त था वो पलट कर सामने आता है,
और जिस वक़्त को हम दिल से पाना चाहते हैं,
वो तो बस एक लम्हा बनकर बीत जाता है।

 

Ehsaan Kisi Ka Woh Rakhte Nahi Mera Bhi Chuka Diya,
Jitna Khaya Tha Namak Mera Mere Zakhmo Pe Laga Diya.

 

ऐसा नहीं कि शख्स अच्छा नहीं था वो,
जैसा मेरे ख्याल में था बस वैसा नहीं था वो।

 

एहसान किसी का वो रखते नहीं मेरा भी चुका दिया,
जितना खाया था नमक मेरा मेरे जख्मों पे लगा दिया।

 

Tumne Soch Liya Mil Jayenge Bahut Chaahne Wale,
Ye Bhi Soch Lete Ki Fark Hota Hai Chaahato Mein Bhi.

 

 

Yun To Hai Sabkuch Mere Pas Bas Dva-E-Dil Nahi,
Door Vo Mujhse Hai Par Main Us Se Naraaj Nahin,
Maloom Hai Ab Bhi Mohabbat Karta Hai Vo Mujhse,
Vo Thoda Sa Jiddi Hai Lekin Bevafa Nahin.

 

 

Tu Bhi Auro Ki Tarah Mujhse Kinara Kar Le,
Saari Dunia Se Bura Hun Tere Kaam Ka Nahi.

 

 

मुद्दत से कोई शख्स रुलाने नहीं आया,
जलती हुई आँखों को बुझाने नहीं आया,
जो कहता था कि रहेंगे उम्र भर साथ तेरे,
अब रूठे हैं तो कोई मनाने नहीं आया।

 

मेरे लफ्जों से निकल जायें अशआर,
कोई ख्वाहिश जो तेरे बाद करूं।

 

 

तू भी औरों की तरह मुझसे किनारा कर ले,
सारी दुनिया से बुरा हूँ तेरे काम का नहीं।

 

Bahut Ajeeb Hain Ye Mohabbat Karne Wale,
Bewafai Karo To Rote Hain Aur Wafa Karo To Rulate Hain.

 

अजीब रंग का मौसम चला है कुछ दिन से,
नजर पे बोझ है और दिल खफा है कुछ दिन से,
वो और था जिसे तू जानता था बरसों से,
मैं और हूँ जिसे तू मिल रहा है कुछ दिन से।

 

बहुत अजीब हैं ये मोहब्बत करने वाले,
बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं।

 

 

न किसी के दिल की हूँ आरजू,
न किसी नजर की हूँ जुस्तजू,
मैं वो फूल हूँ जो उदास है,
न बहार आए तो क्या करूँ।

 

Haan Mujhe Rasm-e-Mohabbat Ka Saleeka Hi Nahi,
Ja Kisi Aur Ka Hone Ki Ijazat Hai Tujhe.

 

 

हाँ मुझे रस्म-ए-मोहब्बत का सलीक़ा ही नहीं,
जा किसी और का होने की इजाज़त है तुझे।

 

किस फिक्र किस ख्याल में खोया हुआ सा है,
दिल आज तेरी याद को भूला हुआ सा है,
गुलशन में इस तरह कब आई थी बहार
हर फूल अपनी शाख से टूटा हुआ सा है।

 

बहुत लहरों को पकड़ा डूबने वाले के हाथों ने,
यही बस एक दरिया का नजारा याद रहता है,
मैं किस तेजी से ज़िंदा हूँ मैं ये भूल जाता हूँ,
नहीं आना इस दुनिया में दोबारा याद रहता है।

 

 

Roothha Agar Tujhse To Iss Andaaz Se Roothhunga,
Tere Shahar Ki Mitti Bhi Mere Wajood Ko Tarsegi.

 

 

Diye Hain Zakhm Toh Marham Ka Takalluf Na Karo,
Kuchh Toh Rahne Do Meri Zaat Pe Ehsaan Apna.

 

 

दिए हैं ज़ख़्म तो मरहम का तकल्लुफ न करो,
कुछ तो रहने दो मेरी ज़ात पे एहसान अपना।

 

Bas Tumhein Paane Ki Tamanna Nahi Rahi,
Mohabbat Toh Aaj Bhi Tumse Beshumar Karte Hain.

 

बस तुम्हेँ पाने की तमन्ना नहीं रही,
मोहब्बत तो आज भी तुमसे बेशुमार करते हैं।

 

ये इश्क़ जिसके कहर से डरता है ज़माना,
कमबख्त मेरे सब्र के टुकड़ों पे पला है।

 

 

अजीब रंग का मौसम चला है कुछ दिन से,
नजर पे बोझ है और दिल खफा है कुछ दिन से,
वो और था जिसे तू जानता था बरसों से,
मैं और हूँ जिसे तू मिल रहा है कुछ दिन से।

 

Taras Gaye Hain Thodi Si Wafaa Ke Liye,
Kisi Se Pyaar Na Karenge Khuda Ke Liye,
Jab Bhi Lagti Hai Ishq Ki Aadalat,
Hum Hi Chune Jaate Hain Sazaa Ke Liye.

 

तरस गए हैं थोड़ी सी वफ़ा के लिए,
किसी से प्यार न करेंगे खुदा के लिए,
जब भी लगती है इश्क की अदालत,
हम ही चुने जाते हैं सजा के लिए।

 

 

 

तुम बहते पानी से हो हर शक्ल में ढल जाते हो,
मैं रेत सा हूँ मुझसे कच्चे घर भी नहीं बनते।

 

 

तुमने तो कह दिया कि मोहब्बत नहीं मिली,
मुझको तो ये कहने की भी मोहलत नहीं मिली,
तुझको तो खैर शहर के लोगों का खौफ था,
और मुझको अपने घर से इजाज़त नहीं मिली।

 

हम तो मौजूद थे रात में उजालों की तरह​,
लोग निकले ही नहीं ढूढ़ने वालों की तरह​,
दिल तो क्या हम रूह में भी उतर जाते​,
तुमने चाहा ही नहीं चाहने वालों की तरह​।

 

अपनी ही मोहब्बत से मुकरना पड़ा मुझे,
जब देखा उसे रोता किसी और के लिए।

 

Palkon Ko Kabhi Hum Bhigoye Hi Nahi,
Wo Sochte Hain Ki Hum Kabhi Roye Hi Nahi,
Wo Poochhte Hain Khwaabo Mein Kise Dekhte Ho?
Aur Hum Hain Ki Ek Umr Se Soye Hi Nahi.

 

 

रूठ जाना तो मोहब्बत की अलामत है मगर,
क्या खबर थी वो इतना खफा हो जाएगा।

 

 

नसीब बनकर कोई ज़िन्दगी में आता है,
फिर ख्वाब बनकर आँखों में समा जाता है,
यकीन दिलाता है कि वो हमारा ही है,
फिर न जाने क्यूँ वक़्त के साथ बदल जाता है।

 

 

Woh Mili Bhi To Kya Mili Ban Ke Bewafa Mili,
Itane To Mere Gunah Na The Jitni Mujhe Saja Milei.

 

 

न किसी के दिल की हूँ आरजू,
न किसी नजर की हूँ जुस्तजू,
मैं वो फूल हूँ जो उदास है,
न बहार आए तो क्या करूँ।

 

वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली।

 

उतना हसीन फिर कोई लम्हा नहीं मिला,
तेरे जाने के बाद कोई भी तुझ सा नहीं मिला,
सोचा करूँ मैं एक दिन खुद से ही गुफ्तगू,
लेकिन कभी मैं खुद को तन्हा नहीं मिला।

 

Na Sar-e-Bazar Dekhunga Na Usko Tanha Sochunga,
Usey Kehna Ki Laut Aaye Mohabbat Chhod Di Maine.

 

 

उस की हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले,
काश उसको मेरी किस्मत में भी लिखा होता।

 

 

यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको,
खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे।

 

 

अब क्यूँ तकलीफ होती है तुम्हें इस बेरुखी से,
तुम्हीं ने तो सिखाया है कि दिल कैसे जलाते हैं।

 

मोहब्बत ऐसी थी कि उनको बताई न गयी,
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई न गयी,
चाहते नहीं थे उनसे दूर होना पर,
दूरी इतनी थी कि मिटाई न गयी।

 

क्या बताऊँ कैसे खुद को दर-ब-दर मैंने किया,
उम्र भर किस किस के हिस्से का सफ़र मैंने किया,
तू तो नफरत भी न कर पायेगा इस शिद्दत के साथ,
जिस बला का प्यार तुझसे बेखबर मैंने किया।

 

Bahut Socha Bahut Samjha
Bahut Hi Der Tak Parkha,
Ki Tanha Ho Ke Jee Lena
Mohabbat Se To Behtar Hai.

 

 

आज तक है उसके लौट आने की उम्मीद,
आज तक ठहरी है ज़िन्दगी अपनी जगह,
लाख ये चाहा कि उसे भूल जायें पर,
हौंसले अपनी जगह बेबसी अपनी जगह।

 

 

मेरे दिल को अगर तेरा एहसास नहीं होता,
तू दूर रह कर भी यूं मेरे पास नहीं होता,
इस दिल में तेरी चाहत ऐसे बसा ली है,
एक लम्हा भी तुझ बिन ख़ास नहीं होता।

 

दवा न काम आई, काम आई न दुआ कोई,
मरीजे-इश्क़ थे आखिर हकीमों से शिकायत क्या।

 

Ek Na Ek Din Main Dhoondh Hi Lunga Tumko,
Thhokrein Zeher To Nahi Ke Kha Bhi Na Saku.

 

Aihtiyatan Dekhta Chal Apne Saaye Ki Taraf,
Iss Tarah Shayad Tujhe Ehsaas-e-Tanhai Na Ho.

 

 

टूटे हुये सपनों और रूठे हुये
अपनों ने उदास कर दिया,
वरना लोग हमसे मुस्कराने का
राज पूछा करते थे।

 

अब इस से ज्यादा और क्या नरमी बरतूं,
दिल के ज़ख्मों को छुया है तेरे गालों की तरह।

 

मुझे मेरे कल की फ़िक्र आज भी नहीं मगर,
ख्वाहिश उसको पाने की कयामत तक रहेगी।

 

ठुकरा के उसने मुझे कहा ​कि मुस्कुराओ,
मैं हँस दिया सवाल उसकी ख़ुशी का था,
मैंने खोया वो जो मेरा था ​ही नहीं कभी,
उसने खोया वो जो सिर्फ उसी का था।

 

 

सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का,
मैं एक कतरा हूँ तनहा तो बह नहीं सकता।

 

अब के अब तस्लीम कर लें तू नहीं तो मैं सही,
कौन मानेगा कि हम में से बेवफा कोई नहीं।

 

मैं हूँ दिल है तन्हाई है,
तुम भी जो होते तो अच्छा होता।

 

 

Mere Dil Ko Agar Tera Ehsaas Nahi Hota,
Tu Dur Rah Kar Bhi Yun Paas Nahi Hota,
Iss Dil Mein Teri Chahat Aise Basi Hai,
Ek Lamha Bhi Tujh Bin Khaas Nahi Hota.

 

 

Gujra Hoon Hadsaat Se Lekin Wahi Hoon Main,
Tum Ne To Ek Baat Pe Raste Badal Liye.

 

Na Haath Thaam Sake Aur Na Pakad Sake Daaman,
Bahut Hi Kareeb Se Gujar Kar Bichhad Gaya Koi.

 

Dekh Kar Chehra Palat Dete Hain Ab Woh Aayina,
Mausam-e-Furqat Unhein Soorat Koi Bhaati Nahi.

 

 

 

Usey Pana Usey Khona Usi Ke Hijr Mein Rona,
Yahi Gar Ishq Hai To Hum Tanha Hi Achchhe Hain.

 

 

Meri Tanhayian Karti Hain Jinhein Yaad Sadaa,
Unn Ko Bhi Meri Jarurat Ho Jaroori Toh Nahi.

 

उड़ता हुआ गुबार सर-ए-राह देख कर,
अंजाम हम ने इश्क़ का सोचा तो रो दिए,
बादल फिज़ा में आप की तस्वीर बन गए,
साया कोई खयाल से गुजरा तो रो दिए।

 

Ishq Mohabbat Ki Baatein Koi Na Karna,
Ek Shakhs Ne Jee Bhar Ke Humein Rulaya Jo Hai.

 

 

 

तूने फैसले ही फासले बढ़ाने वाले किये थे,
वरना कोई नहीं था तुझसे ज्यादा करीब मेरे।

 

Woh Josh-e-Tanhai Shab-e-Gham,
Woh Har Taraf Bekasi Ka Aalam,
Kati Hai Aankhon Mein Raat Saari
Tadap Tadap Kar Sahar Huyi Hai.

 

मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा है,
वो तारों में तन्हा है और मैं हजारों में तन्हा।

 

 

एक सवाल छिपा है दिल के किसी कोने में,
कि क्या कमी रह गई थी तेरा होने में।

 

 

लिपटा है मेरे दिल से किसी राज़ की मानिंद,
वो शख्स कि जिसको मेरा होना भी नहीं है,
ये इश्क़ मोहब्बत की रिवायत भी अजब है,
पाना भी नहीं है उसे खोना भी नहीं है।

 

एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी,
ऐसा तो कम ही होता है वो भी हो तन्हाई भी।

 

मेरे फन को तराशा है सभी के नेक इरादों ने,
किसी की बेवफाई ने किसी के झूठे वादों ने।

 

Tumhare Bagair Yeh Waqt Yeh Din Aur Yeh Raat,
Gujar Toh Jaate Hain Magar Gujaare Nahi Jaate.

 

जब से देखा है चाँद को तन्हा,
तुम से भी कोई शिकायत ना रही।

 

Sirf Ek Hi Baat Seekhi Inn Husn Walon Se Humne,
Haseen Jis Ki Jitni Adaa Hai Woh Utna Hi Bewafa Hai.

 

 

बंद कर देना खुली आँखों को मेरी आ के तुम,
अक्स तेरा देख कर कह दे न कोई बेवफा।

 

वो हर बार मुझे छोड़ के चले जाते हैं तन्हा,
मैं मज़बूत बहुत हूँ लेकिन कोई पत्थर तो नहीं हूँ।

 

उसके दिल में थोड़ी सी जगह माँगी थी
मुसाफिरों की तरह,
उसने तन्हाईयों का एक शहर
मेरे नाम कर दिया।

 

 

Ek Tere Na Hone Se Badal Jata Hai Sab Kuchh,
Kal Dhoop bhi Deewar Par Poori Nahi Utri.

 

जब महफ़िल में भी तन्हाई पास हो,
रोशनी में भी अँधेरे का एहसास हो,
तब किसी खास की याद में मुस्कुरा दो,
शायद वो भी आपके इंतजार में उदास हो।

 

कुछ कर गुजरने की चाह में कहाँ-कहाँ से गुजरे,
अकेले ही नजर आये हम जहाँ-जहाँ से गुजरे।

 

चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल,
इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं,
बात होती गुलों तक तो सह लेते हम,
अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।

 

हम अंजुमन में सबकी तरफ देखते रहे,
अपनी तरह से कोई हमें अकेला नहीं मिला।

 

Wafa Ki Talash Karte Rahe Hum,
Bewafai Mein Akele Marte Rahe Hum,
Nahi Mila Dil Se Chahne Wala,
Khud Hi Bewajah Darte Rahe Hum,
Lutaane Ko Hum Sab Kuchh Luta Dete,
Mohabbat Mein Unn Par MitTe Rahe Hum,
Khud Dukhi Hokar Khush Unko Rakha,
Tanhaion Mein Saansein Bharte Rahe Hum,
Woh Bewafai Hum Se Karte Hi Rahe,
Dil Se Unn Par Marte Rahe Hum.

 

हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत,
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है।

 

अब न खोलो मेरे घर के उदास दरवाज़े,
हवा का शोर मेरी उलझनें बढ़ा देता है।

 

Har Tanha Raat Mein Ek Naam Yaad Aata Hai,
Kabhi Subhah To Kabhi Shaam Yaad Aata Hai,
Jab Sochte Hain Kar Lein Dobara Mohabbat,
Fir Pehli Mohabbat Ka Anzaam Yaad Aata Hai.

 

कभी पहलू में आओ तो बताएँगे तुम्हें,
हाल-ए-दिल अपना तमाम सुनाएँगे तुम्हें,
काटी हैं अकेले कैसे हमने तन्हाई की रातें,
हर उस रात की तड़प दिखाएँगे तुम्हें।

 

 

तेरे जल्वों ने मुझे घेर लिया है ऐ दोस्त,
अब तो तन्हाई के लम्हे भी हसीं लगते हैं।

 

बातों में तल्खी और लहजे में बेवफाई,
लो ये मोहब्बत भी पहुँची अंजाम पर।

 

बात ऊँची थी मगर बात जरा कम आंकी,
मेरे जज्बात की औकात जरा कम आंकी,
वो फ़रिश्ता कहकर मुझे जलील करता रहा,
मैं इंसान हूँ मेरी जात जरा कम आंकी।

 

दूरियों की ना परवाह कीजिये,
दिल जब भी पुकारे बुला लीजिये,
कहीं दूर नहीं हैं हम आपसे,
बस अपनी पलकों को आँखों से मिला लीजिये।

 

 

कैफ में डूबा हुआ हूँ आलम-ए-तन्हाई है,
फिर तेरी याद दबे पाँव चली आई है,
शब-ए-तारीक पे छाई हुयी रानाई है,
यह तेरी ज़ुल्फ़ के साए हैं के परछाई है,
तेरे दीवाने को इतना भी अब होश नहीं,
ये तेरा आगोश है या गौसा-ए-तन्हाई है।

 

Kya Lajawab Tha Tera Chhorh Ke Jana,
Bhari Bhari Aabkhon Se Muskuraye The Hum,
Ab Toh Sirf Main Hun Aur Teri Yaadein Hain,
Gujar Rahein Hain Yun Hi Tanhayi Ke Mausam.

 

Na Jane Kyun Khud Ko Akela Sa Paya Hai,
Har Ek Rishte Me Khud Ko Ganwaya Hai,
Shayad Koyi Toh Kami Hai Mere Wajood Mein,
Tabhi Har Kisi Ne Humein Yun Hi Thukraya Hai.

 

 

सजा न दे मुझे बेक़सूर हूँ मैं,
थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,
तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,
और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं।

 

उन्हें एहसास हुआ है इश्क़ का हमें रुलाने के बाद,
अब हम पर प्यार आया है दूर चले जाने के बाद,
क्या बताएं किस कदर बेवफ़ा है यह दुनिया,
यहाँ लोग भूल जाते हैं किसी को दफनाने के बाद।

 

Gahrayi Pyar Mein Ho To Bewafai Nahin Hoti,
Sachche Pyar Mein Kahin Tanhayi Nahin Hoti,
Magar Pyar Zara Sambhal Kar Karna Mere Dost,
Pyar Ke Zakhm Ki Koyi Dava Nahin Hoti.

 

ऐ दोस्त कभी ज़िक्र-ए-जुदाई न करना,
मेरे भरोसे को रुस्वा न करना,
दिल में तेरे कोई और बस जाये तो बता देना,
मेरे दिल में रहकर बेवफाई न करना।

 

Khuda Ne Puchha Kya Saza Doon Uss Bewafa Ko,
Dil Ne Kaha Mohabbat Ho Jaye Use Bhi.

 

 

कहाँ से लाऊं वो शब्द जो तेरी तारीफ के क़ाबिल हो,
कहाँ से लाऊं वो चाँद जिसमें तेरी ख़ूबसूरती शामिल हो,
ए मेरे बेवफा सनम एक बार बता दे मुझकों,
कहाँ से लाऊं वो किस्मत जिसमें तू बस मुझे हांसिल हो।

 

काश कि हम उनके दिल पे राज़ करते,
जो कल था वही प्यार आज करते,
हमें ग़म नहीं उनकी बेवफाई का,
बस अरमां था कि…
हम भी अपने प्यार पर नाज़ करते।

 


Read More:-

Leave a Reply

Your email address will not be published.