92+ Political Status In Hindi | Politics Status In Hindi | Political SMS, Quotes

By | April 12, 2021

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Political Status In Hindi

बड़ा महँगा हर सामान का भाव हो जाता है,
जब हमारे देश में सम्पन्न चुनाव हो जाता है,

 

‘सरहदों पर बहुत तनाव है क्या,
कुछ पता तो करो चुनाव है क्या,
और खौफ बिखरा है दोनों समतो में,
तीसरी समत का दबाव है क्या’,
डॉ, राहत इंदोरी

 

चुनाव में पैसा तो खूब बांटा जाता है,
बाद में जनता का ही जेब काटा जाता है,

 

नए किरदार आते जा रहे हैं
मगर नाटक पुराना चल रहा है
– राहत इंदौरी

 

जरूरी नही है कि चोरों का एक ही हो घराना,
दर्द और राजनीति का रिश्ता है पुराना,

 

राजनीति भी रंग-रंगीली हैं,
कुछ ने तो बाप की ज़ागीर समझ ली हैं,

 

चुनाव शायरी हिंदी में

राजनीति में भ्रष्टाचार कुछ इस तरह से होती है,
दाएँ हाथ से करें तो बाएँ हाथ को पता नही होती है,

 

राजनीति की मार ने नेताओं को क्या-क्या सिखा दिया,
बड़े-बड़े वीर नेता को जनता के क़दमों पर झुका दिया,

 

किसी पेड़ के कटने का किस्सा न होता,
अगर कुल्हाड़ी के पीछे लकड़ी का हिस्सा न होगा,

 

चुनाव जीत की शायरी | Chunav Jeet Ki Shayari

राजनीती में साम-दाम-दंड-भेद सब अपनाया जाता हैं,
जरूरत पड़े तो दुश्मन को भी दोस्त बनाया जाता हैं,

 

बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक्त बदलना सीखो,
मजबूरियों को मत कोसो हर हाल में चलना सीखो,

 

मेरी बातों से जो जाहिर हैं छिपायें कैसे,
तेरी मरजी के मुताबिक़ नजर आएं कैसे,

 

आप भी सुनिए नेता जी क्या-क्या कह रहे हैं,
दौरे तरक्की में भी दर्द गरीब ही सह रहे हैं,

 

कुर्सी और भ्रष्टाचार एक दुसरे के पूरक है इसलिए नेता कुर्सी पाते ही भ्रष्ट हो जाते हैं |

 

कभी-कभी राजनीति में बने रहने के लिए भी लोग भ्रष्टाचार करते हैं |

 

 

चुनाव में करते है अजीबों-गरीब बातें,
काश ये नेता थोड़ा पढ़ाई करके आते,

 

चुनाव पर ही कर देते है इतना खर्चा,
तो देश के विकास की कैसे हो चर्चा,

 

जब चुनाव का माहौल गरम हो जाता है,
तब नेता जी का स्वभाव नरम हो जाता है,

 

छप के बिकते थे जो अखबार…
सुना है इन दिनों वो बिक के छपा करते है,

 

गुरूर में इंसान को कभी इंसान नहीं दिखता,
जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही मकान नहीं दिखता,

 

समर शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याध
जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध,

 

पहले नेता बेहतर थे गाते राष्ट्र का गान,
राजनीति कभी नही किया स्वदेश का बदनाम,
Political Status in Hindi

 

जिनके वजूद होते हैं,
वो बिना “पद” के भी मजबूत होते हैं,

 

राजनीति समाज को एक आयाम देती हैं, अच्छी राजनीति अच्छे समाज की रचना करती हैं और बुरी राजनीति बुरे समाज की रचना करती हैं |

 

व्यक्तिगत स्वार्थ सिद्ध करने के लिए की गयी राजनीति हमेशा ख़तरनाक होती हैं, समाज हित ही राजनीति का उद्देश्य होना चाहिए |

 

योग्यता को बढ़ावा देने वाला राजनीति होना चाहिए, परिवारवाद को बढ़ावा देना वाला राजनीति समाज हित का कार्य नही कर सकता हैं |

 

बुद्धिहीन और शक्तिहीन नेता चुनने से अच्छा हैं बिना किसी नेता के रहना, यह समाज कल्याण के लिए कुछ भी नही कर सकते हैं |

 

कुछ लोगो राजनीति को केवल एक मुनाफ़े वाला बिज़नस समझते हैं |

 

जो शिक्षित हो, जो चरित्रवान हो और समाज के लिए जो व्यक्ति अच्छा कार्य कर चुका हो वही नेता बनने के काबिल होता हैं |

 

गलत उद्देश्य से की गई राजनीति ज्यादा दिनों तक नही चलती हैं |

 

राजनीति समाज हित के लिए होती हैं वर्तमान में राजनीति सिर्फ पैसे के लिए होती हैं |

 

लोकतंत्र होने के बावजूद भी जनता ठगा सा महसूस करती हैं |

 

चुनाव के दौरान किये गये वादों और चुनाव के बाद किये गये कार्यो में बड़ा अंतर होता हैं |

 

नेता बरसाती मेढ़क होते हैं जो चुनाव के समय ही ज्यादा दिखते हैं |

 

यदि कोई नेता हाथ जोड़कर वोट ले सकता हैं तो जनता में भी इतना हुनर होना चाहिए कि वह भी अपना काम उस नेता से करा सके |

 

निःस्वार्थ भाव से एक नेता चुनना ही विकास का सूचक हैं |

 

जन्म लेने के बाद और मरने तक राजनीति हमारे जीवन को प्रभावित करता हैं इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य होता है कि बेहतर राजनीति के लिए अपना योगदान जरूर करे |

 

नेतृत्व करने की क्षमता इंसान में प्राकृतिक हैं इसे किसी के अंदर डाला नही जा सकता हैं |

 

परिवारवाद राजनीति के लिए एक अभिशाप हैं इससे केवल अयोग्य नेता का ही जन्म होता हैं |

 

राजनीति में किसी नेता का आकलन उनकी ख़ुद की ही योग्यता पर की जानी चाहिए |

 

जिसका हृदय सच्चा और अच्छा होता हैं वही राजनीति में उच्च कोटि का वक्ता होता हैं |

 

अच्छे लोगो की कमी के वजह से राजनीति में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हैं |

 

प्रत्येक नागरिक को शिक्षित करके ही राजनीति से भ्रष्ट नेता को बाहर किया जा सकता हैं |

 

जाति और धर्म की राजनीति देश की एकता के लिए ख़तरा होता हैं |

 

मानव कल्याण, देश हित और शिक्षित समाज, राजनीति की प्राथमिकता होनी चाहिए |

 

दिल की बात दुश्मन समझ ले,
तो समझो बस झगड़ा होता है,
समझ जाओ बस दो लाइनों से,
क्योंकि सच बहुत कड़वा होता हैं,

Status on Politics

 

बेईमानी अब आँखों की पानी चुराने लगी,
नामर्दी इंसानों को जवानी चुराने लगी,
हिन्द वालो तुम ये बैठ कर सोचना जरूर
कभी बर्मा से कन्धार तक हुकूमत थी
आज तिनके में क्यों लड़खड़ाने लगी,

 

मन से बड़ा कोई धाम न मिलेगा
विभीषण अगर बन भी गए,
तो अब राम ना मिलेगा,

 

Political Status

 

एक ही उल्लू काफी था बर्बाद गुलिस्तां करने को,
अंजाम गुलिस्तां क्या होगा, जब हर डाल पर उल्लू बैठा हो,

 

Status on Politics

 

सियासत नफ़रतों का जख्म भरने ही नहीं देती,
जहाँ भरने पे आता हैं तो मक्खी बैठ जाती हैं,

 

हम भी आराम उठा सकते थे घर पर रह कर,
हम को भी माँ-बाप ने पाला था दुःख सह-सह कर,

 

राजनीती में कोई मित्र नही होता हैं और न ही कोई शत्रु होता हैं, यह सब समय, स्थान और परिस्थिति पर निर्भर करता हैं |

 

अंधभक्ति व्यक्ति और समाज दोनों के लिए हानिकारक होती हैं |

 

भ्रष्ट राजनीति एक आन्दोलन को जन्म देता हैं और यही उसके पतन का कारण भी बनता हैं |

 

समाज हित ही राजनीति का पहला मुद्दा होना चाहिए |

 

वर्तमान समय में लोग राजनीति के प्रति जारूक हो रहे हैं, जागरूक होने से प्रतिस्पर्धा बढ़ रही हैं, प्रतिस्पर्धा बढ़ने से पारदर्शिता आ रही हैं जिसके कारण समाज हित और विकास के कार्यो पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा हैं |

 

नई सोच ही राजनीति की नई दिशा का निर्धारण करती हैं |

 

राजनीतिक भ्रष्टाचार को कम किया जा सकता है, नेताओ के लिए कठोर क़ानून बनाकर |

 

भ्रष्टाचार की जड़ को राजनीति ही पानी देता हैं |

 

भ्रष्ट व्यक्ति ही उच्चकोटि की राजनीति कर सकता हैं यह गलत अवधारणा लोगो के मन में जरूर होता हैं |

 

भ्रष्टाचार मुक्त, राजनीति की कल्पना एक दिन में स्वपन्न देखने के बराबर होता हैं |

 

राजनीति में केवल और केवल चोर ही होते हैं कोई छोटा चोर तो कोई बड़ा चोर, इसे केवल जागरूक समाज ही बदल सकता हैं |

 

राजनेताओ की जीवनी पढ़ने पर लगता हैं कि भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ रहा हूँ |

 

सच है, विपत्ति जा आती हैं,
कायर को ही दहलाती हैं,
सूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
Status on Politics

 

अपने अपने रहनुमाओं की अदाओं पर फ़िदा है सब,
ऐसी सोच और परम्पराओं को जल्दी बदलो यारों,

 

ये दबदबा, ये हुकूमत, ये नशा, ये दौलतें
सब किरायेदार हैं घर बदलते रहते हैं,

Political Status

 

पाँवों के छालें तुम देखो, काँटों की जात न पूछो
बंजर धरती की पीड़ा जानो, कैसे हुई बरसात न पूछो,

 

हालात से खौफ़ खा रहा हूँ,
शीशे के महल बना रहा हूँ,

 

ख्याल होता नेताओं को,
तो जनता बेहाल न होती,
पैसा इनकी भूख न होती,
तो शहीद सैनिकों पर राजनीति न होती,

 

नई कहानी लिखकर लौटे आन-बान-सम्मान की,
अम्बर में लहराए तिरंगा खुश्बू हिन्दुस्तान की,

 

Status on Politics

 

सच बातों पर चुप्पी और झूठ बातों पर चिल्लाए है,
ये इसी देश के नेता हैं या चिड़ियाघर से आए हैं,

 

झील पर पानी बरसता है हमारे देश में,
जिन्दगी का हाल खस्ता है हमारे देश में,
दूध महँगा खून सस्ता हैं हमारे देश में,
वजीरों, अफ़सरों या पागलों को छोड़कर
और कौन हँसता है हमारे देश में,

 

Political Status

 

कभी माँ के भ्रूण में ही है मर जाती,
कभी दरिंदों के हाथों है मसली जाती,
कभी यह दहेज़ के लिभियों के हाथ हैं जल जाती,
हम भारतीय है, अब हमें किसी बात पर शर्म नहीं आती,

 

यहाँ हर शासक दुर्योधन है
यहाँ न्याय न मिल पायेगा
सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो
अब गोविन्द न आयेगा,

 

झूठ पकड़ना कितना मुश्किल होता हैं,
सच भी जब साजिश में शामिल होता हैं,

 

लोकतंत्र में एक शिक्षित और शसक्त समाज का आकलन उसके चुने नेता से किया जा सकता हैं |

 

केवल शिक्षित समाज को ही राजनीति फायदा पहुँचाती हैं |

 

सच्चे और शिक्षित युवा ही राजनीति की दिशा और दशा बदल सकते हैं |

 

राजनीति से भ्रष्टाचार को हटा दिया जाय तो बड़े आसानी से किसी देश का विकास किया जा सकता हैं |

 

राजनीति और विश्यवृति समाज को नियंत्रित करने के लिए होता हैं |

 

राजनीति में न तो कोई मित्र होता हैं और न तो कोई शत्रु होता हैं |

 

जहाँ आम-आदमी सोचना बंद करते हैं वहाँ से नेता सोचना शुरू करते हैं इसलिए राजनीति में बहुत अधिक भ्रष्टाचार हैं |

 

किसी भी देश के विकास में किसान, युवा और राजनीति का बहुत बड़ा योगदान होता हैं |

 

राजनीति में अच्छे लोगो की कमी हमेशा से ही रही हैं क्योकि अच्छे लोग राजनीति में आना पसंद ही नही करते हैं |

 

राजनीति में अंधभक्ति एक बहुत बड़ी समस्या हैं, यह व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता पर प्रश्न खड़ा करता हैं |

 

सरकार को गरीबों का ख्याल कब आता है?
चुनाव नजदीक आ जाए तो मुद्दा उछाला जाता है,

 

मुर्दा लोहे को औजार बनाने वाले,
अपने आँसू को हथियार बनाने वाले,
हमको बेकार समझते हैं सियासतदां
मगर हम है इस मुल्क की सरकार बनाने वाले,

 

चोर, बेईमान और भ्रष्ट नेताओं की क्यों करते हो बात,
लोकतंत्र की ताकत है जनता में, दिखला दो इनकी औकात,

 

मूल जानना बड़ा कठिन हैं नदियों का, वीरो का,
धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता हैं रणधीरो का,
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
“जाति-जाति” का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर,

 

जहाँ सच हैं, वहाँ पर हम खड़े हैं,
इसी खातिर आँखों में गड़े हैं,

 

नेता की बातों में सच्चाई का अभाव होता है,
झूठ बोलना तो इनका स्वभाव होता हैं,

 

 

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