100+ Barish Status | Rain Status | Rain Status Today | Barish Status In Hindi

By | May 4, 2021

100+ Rain Status | Barish Status | Rain Status Today | Barish Status In Hindi:-

Rain woman

बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎, और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं‬।

 

 

कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी

 

 

Tumko Barish Pasand Hai Mujhe Barish Me Tum

Tumko Hansna Pasand Hai Mujhe Haste Hue Tum

Tumko Bolna Pasand Hai Mujhe Bolte Huye Tum

Tumko Sab Kuch Pasand Hai Aur Mujhe Bas Tum.

 

 

 

जब जब होती हैं बारिश और गरजते है ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है.

कहीं फिसल न जाऊं तेरे ख्यालों में चलते चलते

अपनी यादों को रोको मेरे शहर में बारिश हो रही है।

 

 

बालकनी से बाहर आकर कर देखो ए-हसीना

 मौसम तुम से मेरे दिल की बात कहने आया है

 

 

या अल्लाह हम सब पर अपनी रहमत कि बारिश कर दे

हमारे गुनाहों को माफ कर दे.

 

 

जनवरी की सर्दी, हल्की-हल्की बारिस की बूदें

तुम्हारा वो गले से लग जाना याद आता हैं.

 

 

पूछते थे ना कितना प्यार है तुम्हे हम से

लो अब गिन लो  बारिश की ये बूँदें।

 

हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने, बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने।

 

 

बादलों से कह दो जरा सोच समझ कर बरसे अगर मुझे उनकी याद आ गयी तो मुकाबला बराबरी का होगा.

 

जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है।

 

 

ज़रा ठहरो , बारिश थम जाए तो फिर चले जाना

किसी का तुझ को छू लेना मुझे अच्छा नहीं लगता

 

 

काश कोई इस तरह भी वाकिफ हो

मेरी जिंदगी से

कि मैं बारिश में भी रोऊँ और

वो मेरे आँसू पढ़ ले।

 

 

एक ख्वाब ने आँखे खोली हैं क्या मोड़ आया है कहानी में वो भीग रही थी बारिश में और आग लगी है पानी में.

 

 

ये  बारिश  ये  हसीन मौसम   और ये  हवाये

 लगता है आज  मोहब्बत ने किसी का साथ दिया है

 

 

बारिश में आज भीग जाने दो

बूंदों को आज बरस जाने दो

न रोको यूँ खुद को आज

भीग जाने दो इस दिल को आज।

 

 

आज आई बारिश तो याद आया वो जमाना

 वो तेरा छत पे रहना और मेरा सडको पे नहाना

 

 

एक ख्वाब ने आँखे खोली हैं, क्या मोड़ आया है कहानी में

वो भीग रही थी बारिश में और आग लगी है पानी में.

 

 

एक हम हैं जो इश्क़ कि बारिश करते है

एक तुम हो जो भीगने को तैयार ही नहीं.

 

 

गर मेरी चाहतों के मुताबिक

जमाने की हर बात होती

तो बस मैं होता तुम होती

और सारी रात बरसात होती।

 

 

किस को ख़बर थी साँवले बादल बिन बरसे उड़ जाते हैं

 सावन आया लेकिन अपनी क़िस्मत में बरसात नहीं

 

 

मुझे मार ही ना डाले इन बादलों की साज़िश, ये जब से बरस रहे हैं तुम याद आ रहे हो।

 

 

रिमझिम तो है मगर सावन गायब है

 बच्चे तो हैं मगर बचपन गायब है

 क्या हो गयी है तासीर ज़माने की यारों

 अपने तो हैं मगर अपनापन गायब है.

 

 

Ab Bhi Barsat Ki Raton Me Badan Tootta Hai

Jaag Uthti Hain Ajab Khwahisen Angdaiyon Ki.

 

 

बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने

 किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है.

 

 

मौसम विभाग ताजा खबर भारी बारिश के कारण लड़कियों के मेकअप धुल गये सेल्फी में भारी गिरावट.

 

 

बरसात की भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई

 कुछ अपना ज़माना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई

 

 

छत टपकती है उसके कच्चे घर की, वो किसान फिर भी बारिश की दुआ करता है।

 

 

पहले रिम-झिम फिर बरसात और अचानक कडी धूप, मोहब्बत और अगस्त की फितरत एक सी है.

 

 

अब जितना बरसना है, बरसले ए बारिश वो चला गया है, जिसके साथ मे तुम्हारे इस तोहफे को सीने से लगा लिया करता था।

 

 

हम भीगते हैं जिस तरह से तेरी यादों में डूबकर

इस बारिश में कहाँ वो कशिश तेरे ख्यालों जैसी।

 

 

होंठो पे हंसी तो हो मगर

 आँखों में बरसात ना आये.

 

 

मोसम हे बारिश का ओर याद तुम्हारी आती है, बारिश के हर कतरे से आवाज़ तुम्हारी आती है।

 

 

किस मुँह से इल्ज़ाम लगाएं बारिश की बौछारों पर, हमने ख़ुद तस्वीर बनाई थी मिट्टी की दीवारों पर.

 

 

खुद भी रोता है मुझे भी रुला के जाता है ये बारिश का मौसम उसकी याद दिला के जाता है.

 

 

भला काग़ज़ की इतनी कश्तियाँ हम क्यों बनाते हैं

 न वो गलियाँ कहीं हैं अब न वो बारिश का पानी है.

 

 

पता नही ऐसा क्या हे इस बारिश मे जितनी ज़्यादा बरस रही है, उतना ही तुम याद आ रहे हो।

 

 

बारिश के ‪बाद तार पर ‪टंगी ‪आख़री बूंद से पूछना, क्या होता है ‪अकेलापन.

 

 

पीने से कर चुका था मैं तौबा दोस्तों

बादलों का रंग देख नियत बदल गई।

 

दिल की बाते कौन जाने मेरे हालात को कौन जाने बस बारिश का मौसम है पर दिल की ख्वाहिश कौन जाने मेरी प्यास का एहसास कौन जाने.

 

 

गुल तेरा रंग चुरा लाए हैं गुलज़ारों में

जल रहा हूँ भरी बरसात की बौछारो में.

 

 

जब बारिश होती है तुम याद आते हो जब काली घटा छाए तुम याद आते हो जब भीगते है तुम याद आते हो बताओ मेरी छतरी कब वापिस करोगे।

 

 

खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी.

 

 

ग़म की बारिश ने भी तेरे नक़्श को धोया नहीं

तू ने मुझ को खो दिया पर मैं ने तुझे खोया नहीं

 

 

सुना है बारिश में दुआ क़बूल होती है, अगर हो इज्जाजत तो मांग लू तुम्हे ?

 

 

हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने, बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने।

 

 

बरिश का यह मौसम कुछ याद दिलाता है

किसी के साथ होने का एहसास दिलाता है

फिजा भी सर्द है यादें भी ताज़ा हैं

यह मौसम किसी का प्यार दिल में जगाता है।

 

 

आज कुछ और नहीं बस इतना सुनो मौसम हसीन है, लेकिन तुम जैसा नहीं।

 

 

कच्ची मिट्टी का बना होता है उम्मीदों का घर

ढह जाता है हकीकत की बारिश में अक्सर.

 

 

ऐ बारिश जरा थम के बरस

जब वो आ जाये तो जम के बरस

पहले न बरस के वो आ न सके

फिर इतना बरस के वो जा न सके।

 

 

मैंने उस से पुछा क्या धुप मे बारिश होती है, ये सुन कर वो हँसने लगी, और हँसते हँसते रोने लगी, फिर धुप में बारिश होने लगी।

 

 

आज फिर मौसम नम हुआ मेरी आँखों की तरह

शायद बादलो का भी दिल किसी ने तोड़ा होगा।

 

 

बारिश की बूँदों में झलकती है, तस्वीर उनकी‎ और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं।

 

 

मेरे दिल की जमीन बरसों से बंजर पडी है

 मै तो आज भी बारिश का इन्तेजार कर रहा हूँ.

 

 

कैसी बीती रात किसी से मत कहना

सपनों वाली बात किसी से मत कहना

कैसे उठे बदल और कहां जाकर टकराए

कैसी हुई बरसात किसी से मत कहना

 

 

बस एक छोटी सी दुआ है जिन लम्हों में आप मुस्कुराते हो, वो लम्हे कभी ख़त्म ना हो।

 

 

सतरंगी अरमानो वाले सपने दिल में पलते हैं

आशा और निराशा की धुन में रोज मचलते हैं

बरस-बरस के सावन सोंचे प्यास मिटाई दुनिया की

वो क्या जाने दीवाने तो सावन में ही जलते हैं।

 

 

तब्दीली जब भी आती है मौसम की अदाओं में

किसी का यूँ बदल जाना, बहुत याद आता है.

 

 

बारिशें कुछ इस तरह से होती रहीं मुझ पे

ख्वाहिशें सूखती रहीं और पलकें रोतीं रहीं।

 

 

क्या मौसम आया है, हर तरफ पानी ही पानी लाया है

 एक जादू सा छाया है

 तुम घरसे बहार मत निकलना वरना लोग कहेंगे

 बरसात हुई नहीं, और मेंढक निकल आया है.

 

 

बारिश और मोहब्बत दोनो ही यादगार होते हैं

बारिश में जिस्म भीगता है और मोहब्बत में आँखें।

 

 

मैंने कहा तुम्हारी हँसी उधार चाहिये वो बोली मुस्कान ही दे सकती हूँ हँसी तो खुद उधार लाती हूँ तुम्हारे लिये।

 

 

अब बारिश में तेरे संग नहाना है

सपना ये मेरा कितना सुहाना है

बारिश की बूंदे जो गिरे तेरे होठो पे

उन्हें अपने होठो से उठाना है

 

 

भीगी मौसम की भीगी शुरुआत

भीगी सी याद भूली हुई बात

वो भीगी सी आँखें वो भीगा हुआ साथ

मुबारक हो आपको आज की खुबसूरत बरसात

 

 

मेरे ख्यालों में वही सपनो में वही

लेकिन उनकी यादों में हम थे ही नहीं

हम जागते रहे दुनियां सोती रही

एक बारिश ही थी जो हमारे साथ रोती रही।

 

 

परदेस में क्या महसूस करें बारिश का मज़ा मिट्टी की महक़

ज ब गाँव में अपने होती है बरसात से खुशबू आती है.

 

 

कुछ नशा तेरी बात का है

 कुछ नशा धीमी बरसात का है

 हमे तुम यूँही पागल मत समझो

 यह दिल पर असर पहली मुलाकात का है.

 

 

खुश नसीब होते हैं बादल

जो दूर रहकर भी ज़मीन पर बरसते हैं

और एक बदनसीब हम हैं

जो एक ही दुनिया में रहकर भी मिलने को तरसते

 

 

खुद भी रोता है मुझे भी रुला के जाता है

 ये बारिश का मौसम उसकी याद दिला के जाता है.

 

 

नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली रहे दोनों खामोश पर बात करली मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली।

 

 

मौसम-ए-बारिश की अब ज़रूरत नहीं मेरे शहर को या रब

अब तेरी रहमतों में भीग़ जाने के लिये

माह-ए-रमज़ान”की बरक़तें ही काफ़ी है.

 

 

कभी इश्क़ करना तो बारिश की बूंदों सा करना

जो तन पे गिरे और अंदर तलक रूह भीग जाये.

 

 

जब भी होगी पहली बारिश तुमको सामने पाएंगे

 वो बूंदों से भरा चेहरा तुम्हारा हम कैसे देख पाएंगे.

 

 

खुद भी रोता है मुझे भी रुला देता है

ये बारिश का मौसम उसकी याद दिला देता है।

 

 

कहाँ पूरी होती है दिल की सारी ख्वाइशें

कि बारिश भी हो यार भी हो और पास भी हो.

 

 

हमें क्या पता था, ये मौसम यूँ रो पड़ेगा

 हमने तो आसमां को बस अपनी दास्ताँ सुनाई है.

 

 

गर मेरी चाहतों के मुताबिक, जमाने में हर बात होती

तो बस मैं होता वो होती, और सारी रात बरसात होती.

 

 

रहने दो कि अब तुम भी मुझे पढ़ न सकोगे

बरसात में काग़ज़ की तरह भीग गया हूँ मैं।

 

 

Jis Ke Aane Se Mere Jakhm Bhra Karte The

 Ab Vo Mausam Mere Jakhmo Ko Hara Karta Hai.

 

 

 

भीगेँगे जो किसी रोज हम मोहब्बत की बरसात में

 फिर कमज़ोर से इस दिल को इश्क का बुखार पक्का है.

 

 

मजबूरियॉ ओढ के निकलता हूं घर से आजकल, वरना शौक तो आज भी है बारिश में भीगनें का।

 

 

इस बरसात में हम भीग जायेंगे

 दिल में तमन्ना के फूल खिल जायेंगे

 अगर दिल करे मिलने को तो याद करना बरसात बनकर बरस जायेंगे.

 

 

जो मुँह को आ रही थी वो लिपटी है पाँवों से

 बारिश के बाद मिटटी की फितरत बदल गयी.

 

 

जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है

ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है|

 

 

इन बादलों का मिज़ाज भी मेरे महबूब जैसा है

कभी टूट के बरसता है कभी बेरुखी से गुजर जाता है।

 

 

Masum Mohabbat Ka Bs Itna Sa Fasana Hai

Kagaz Ki Kashti Or Barish Ka Zamana Hain.

 

 

दिल की बातें कौन जाने मेरे हालात को कौन जाने

बस बारिश का मौसम है पर दिल की ख्वाहिस को कौन जाने

मेरी प्यास का एहसास कौन जाने?

 

 

पता नही ऐसा क्या है इस बारिश

 मे जितनी ज़्यादा बरस रही है

 उतना ही तुम याद आ रहे हो

 

 

आज बारिश में तुम्हारे संग नहाना है, सपना ये मेरा कितना सुहाना है

बारिश के कतरे जो तेरे होंठों पे गिरे, उन कतरों को अपने होंठों से उठाना है।

 

 

इस भीगे भीगे मौसम में थी आस तुम्हारे आने की

तुमको अगर फुर्सत ही नहीं तो आग लगे बरसातों को।

 

 

Everybody Wants Happiness, And Nobody Wants Pain, But You Can’t Have A Rainbow Without A Little Rain.

 

 

इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है मैं हूँ तुम हो और कुछ की ज़रुरत क्या है।

 

 

आज फिर तेरी याद आई बारिश को देख कर

दिल पे ज़ोर न रहा अपनी बेबसी को देख कर

रोये इस क़दर तेरी याद में

के बारिश भी थम गयी मेरी बारिश देख कर.

 

 

Ye Husn-E Mosam Ye Barish Ye Hawayein, Lgta Hai Mohabbat Ne Aaj Kisi Ka Sath Diya Hai.

 

 

Only A Few People Can Feel The Rain Others Just Get “Wet”

 

 

Barish Ki Tarah Tujh Pe Barasti Rahe Khushiyan Her Boond Tere Dil Se Her Ek Ghum Ko Mita De.

 

 

जब जब आता है यह बरसात का मौसम

तेरी याद होती है साथ हरदम

इस मौसम में नहीं करेंगे याद तुझे यह सोचा है हमने

पर फिर सोचा की बारिश को कैसे रोक पाएंगे हम.

 

 

क्या तमाशा लगा रखा है

तूने ए-बारिश बरसना ही है , तो जम के बरस

वैसे भी इतनी रिमझिम तो मेरी आँखो से रोज हुआ करती है.

 

 

Aaj  Barish Me Tumhare Sang Nahana Hai

 Sapna Ye Mera  Kitna Suhana Hai

 Barish Ke Katre Jo Tere Hotho Pe Gere

 Un Katro Ko Apne Hotho Se Uthan Hai.

 

 

Garajane Wale Badal

 Kabhi Badal Kabhi Barasate Nahi Hai.

 

 

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